चर्चा में

मऊ में बड़े-बड़े शापिंग व कामर्शियल माल से पार्किंग गायब, प्रशासन ने एक बेसमेंट को किराया मुक्त कराया

( आनन्द कुमार )
मऊ। वैसे तो शहर इधर कुछ साल में काफी तरक्की किया है। एक दशक के अंदर शहर में ऊंची ईमारतों व बड़े-बड़े शापिंग माल व कामर्शियल भवनों के साथ-साथ एक से बढ़कर एक अस्पतालों के खुलने से शहर के विकास में चार चांद लग गया है। लेकिन धीरे-धीरे शहर में बढ़ती जनता की भीड़ व काम्पलेक्सों में बने पार्किंग स्थल गायब से होते जा रहे हैं। यह कह ले कि भवन स्वामियों को लाखों का कमाई देने वाले भवन भी सरकार की सड़क की बदौलत अपने-अपने काम्प्लेक्स में आने वाले ग्राहकों, कर्मियों, दुकानदारों की बदौलत पार्किंग स्टैंड का काम चलाते हैं। अधिकांशतः भवन स्वामी ने जो पार्किंग के लिए बेसमेंट बनाकर रखा है, वह किराया पर उठाकर मोटी रकम की वसूली कर रहे हैं। वैसे तो प्रशासन ने बहुतेरे भवन स्वामियों को इसके एवज पार्किंग स्थल खाली करने का नोटिस दे रखा है लेकिन भवन मालिक इस ओर ठोस कदम उठाना उचित नहीं समझ रहे। सहादतपुरा स्थित प्रहलाद ट्रेड सेंटर में लगभग आधा हिस्सा पार्किंग के लिए रख भवन स्वामी द्वारा बेसमेंट का कुछ हिस्सा एक जिम संचालक को बकाएदे दे दिया गया। जब प्रशासन को इसकी जानकारी हुई तो मकान मालिक पर बेसमेंट खाली कराने लिए दबाव बनाया गया। मकान मालिक ने किराएदार धीरज अग्रवाल को भवन खाली करने के लिए कहा। भवन स्वामी व प्रशासन के दबाव में उन्होंने अपना जीम जो कुछ साल पहले ही खोला था खाली कर दिया। लेकिन के जिम के साज सज्जा में लगे उनका लाखों रुपये पानी में स्वाहा हो गया। वैसे ही शहर के बहुत से बड़े स्टोर, होटल, काम्पलेक्स में या तो पार्किंग नहीं है या बना है तो किराए पर देकर मोटी रकम वसूली जाती है और जाम के झाम में मऊ की अवाम को रोज परेशान होना पड़ता है और यातायात में लगे पुलिस प्रशासन को रोज मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में शहर में यह चर्चा तेज हो गई है कि प्रशासन का डंडा प्रहलाद ट्रेड सेंटर पर चलने बाद प्रशासन जल्द ही अन्य माल, काम्प्लेक्स, होटल, हास्पिटल में बने पार्किंग को किराया मुक्त कराकर यातायात का रास्ता सुगम बनाएगी या फिर जहां पर पार्किंग नहीं है वहां पार्किंग का कोई बेहतर इंतेजाम करवाएगी।

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