मधुबन में खुदाई में मिले पत्थर की बुद्ध वोटिव स्तूप होने की चर्चा

मधुबन तहसील क्षेत्र के नन्दौर गांव स्थित इटकोइया भीटा के खुदाई के दौरान मिला पत्थर लोगों में तरह-तरह के चर्चा का विषय बना ही हुआ था। वहां की स्थिति अभी तक जनता के अटकलों में रोज अलग अलग रूप में चर्चा में बनी है। लगभग दस फीट नीचें खुदाई के समय मिले इस पत्थर को मानने वाले अपने-अपने रूप में देख रहे हैं तो वहीं इसे अब भगवान बुद्ध से जोड़कर देखा जाने लगा है। अब तक कोई भी प्रशासनिक बयान इस मिले पत्थर पर नहीं आया है। गांव के पीएन मल्ल, राजकुमार मल्ल आदि ने प्रशासन से मांग किये हैं कि प्रशासन इसकी जांच करें कि कितना पुराना यह पत्थर है और किस युग से मिलता जुलता है। जबकि नन्दौर मधुबन मऊ की स्थिति निरंतर साफ होती जा रही है। जबकि राजकुमार मल्ल का कहना है कि पत्थर देख कर इसे वोटिव स्तूप एकदम स्पष्ट माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह गुप्त काल के पूर्व का बुद्ध वोटिव स्तूप हो सकता है। मल्लों के पैतृक जमीन से निकला है, यंहा और स्तूप निकलने की पूरी संभावना है। दो बड़ी बाग के बीच मे यह 3.5 एकड़ भीटा है । जंहा पथरीली ककडीली मिट्टी का भराव है पुराने ईट खपड़ा ,मिट्टी के बरतन के टुकड़े मिलते रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया कि वे शासन व पुरातत्व विभाग को इस ऐतिहासिक स्थान के अवलोकन के लिए कल्चरल मिनिस्ट्री की टीम की विजिट हेतु पत्र लिखे। उन्होंने कहा कि यह बुद्ध वोटिव स्तूप है, यह गुप्त काल के समय पहले का हो सकता है। यहां पर ढ़ेर सारे स्तूप निकलेगें, अगर पुरातत्व विभाग कार्य करता है।

