आओ पर्यावरण बचाएं : “गूंज एक गुहार” ने सौ बच्चों के हाथों सौ पौधा लगवाया
मऊ। विश्व पर्यावरण दिवस पर गूंंज एक गुहार संस्था की तरफ से भुजौटी मऊ के प्रांगण में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पूजा राय ने नगर के भुजौटी स्थित एक प्रांगण में तुलसी, नीम, जामुन, पीपल, बरगद आदि पौधों को लगाया। पूजा राय ने कहा कि वे हर साल पौधा लगाएंगी तथा पौधों को उपहार में भी देगी। वे निरंतर पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्य करते रहती हैं। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने संदेश में पूजा राय ने कहा कि पेड़ पौधे इस धरा पर मनुष्यों से पहले से विद्यमान हैं इसलिए वे हमसे बड़े हैं और हमारे लिए आदरणीय और वंदनीय हैं।इनकी महत्ता को हर धर्मग्रंथों ने स्वीकार किया है।हमारे धर्मग्रंथों में यह भी कहा गया है कि दस कुओं के निर्माण में जो पुण्य प्राप्त होता है वह एक वापी के निर्माण से मिलता है, दस वापी के निर्माण से जो पुण्य प्राप्त होता है वह एक तालाब के निर्माण से प्राप्त होता है,दस तालाब के निर्माण से जो पुण्य प्राप्त होता है वह एक संतान उत्पन्न करने में मिलता है और दस संतान उत्पन्न करने में जो पुण्य प्राप्त होता है वह एक पेड़ लगाने से मिलता है अर्थात् वृक्षारोपण का पुण्य सबसे अधिक है।यह हमारा पावन कर्त्तव्य है कि हम पेड़ लगाएँ और उनका संरक्षण करें।यह न केवल धार्मिक अपितु सामाजिक दायित्व भी है क्योंकि इन वृक्षों से ही हमे फल,फूल,लकड़ी,दवाई आदि मिलता है।यहाँ तक कि जब मनुष्य और जीव जंतु ताप से व्याकुल होते हैं तो इन वृक्षों से शीतल छाया पाते हैं।कुछ वृक्ष हम बाहर लगाते हैं और कुछ घर के आँगन में।घर के बाहर लगाने वाले प्रमुख पौध नीम, पीपल,बरगद,पाकड़, छितवन आदि हैं और घर के आँगन में लगाया जाने वाला प्रमुख पौधा तुलसी है। तुलसी में अद्भुत औषधीय गुण हैं जो जीवन रक्षण करते हैं।अतः तुलसी हमारे लिए माता के समान आदरणीय और वंदनीय हैं।जिस तरह घर में बुजुर्ग व्यक्ति का सम्मान होता है वैसे ही तुलसी का सम्मान करना चाहिए,इससे सुख समृद्धि में वृद्धि होती है। पूजा राय ने बच्चों से पौधारोपण करने एवं उनका संरक्षण करने का आग्रह किया।
(शहीद बस्ती) के बच्चों द्वारा 100 पौधा बच्चों के नाम पे उनके ही हाथों द्वारा लगवाया गया।




