कोरोना से निर्णायक जंग, वत्स और झा आए संग
■ लापरवाही पर लगा जिम्मेदारी का मास्क, ‘गाइड लाइन’ ने मिलाया गले
■ हाट स्पाट केन्द्र के आपसी विवाद को डीएम एवं अन्य ने प्रयास कर सुलझाया
(आनन्द कुमार)
मऊ। गलती किसकी थी, किसकी नहीं, यह सब तो अब भविष्य के गर्त में समा गया। लेकिन जो हुआ अच्छा हुआ। कोपागंज हॉट स्पॉट केंद्र में सदर एसडीएम व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अतुल वत्स व चिकित्सा अधिकारी के बीच जो मामला आरोप-प्रत्यारोप का था वह आपसी बातचीत व सहमति से जिलाधिकारी की भूमिका व प्रांतीय चिकित्सा परिषद् के स्थानीय ईकाई के हस्तक्षेप से समाप्त हो गया। यह खुशी की बात है। इसके लिए जनपद के अगुआ जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के साथ साथ आईएएस अतुल वत्स व कोपागंज के चिकित्सा अधिकारी रमन झा सहित हर वह व्यक्ति बधाई का पात्र है। जो समय रहते इस महामारी के युग में जनता की भावना को समझते हुए उसकी भलाई को प्राथमिकता देते हुए अपनी निजी टकराहट को दूर रखा। कोरोना जैसी महामारी की गंभीरता को देखते और समझते हुए जन-जन के लिए अपने विवाद को समाप्त कर लेना किसकी गलती थी किसकी नहीं इसे भूल जाना ही बेहतर है और इसके लिए जो दो कदम चला, जो झुका, जो हाथ मिलाया जिसने निगेटिव की खोज में इस पॉजिटिव कार्य को अंजाम दिया वह सभी बधाई के पात्र है।
रविवार को जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सतीश चन्द्र सिंह के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रेस नोट जारी कर बताया कि कोपागंज हॉटस्पॉट प्रकरण में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मुख्य विकास अधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट आईएएस अतुल वत्स, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एके रंजन व अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोपागंज डॉक्टर रमन कुमार झा की उपस्थिति में सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता हुई और जो गलतफहमियां थी, उनका निराकरण किया गया एवं इस मामले में जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि किसी अपशब्द का प्रयोग नहीं हुआ था। डॉ रमन कुमार झा एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट अतुल वत्स कोरोना को लेकर पूर्ण मनोयोग के साथ कार्य करने की सहमति व्यक्त की गई। उन्होंने बताया कि कल सोमवार से हॉटस्पॉट टीम कोपागंज में पूरे जोश और उत्साह के साथ हॉट स्पॉट में निगरानी समितियां अपना सर्वेक्षण कार्य थर्मल स्कैनिंग के साधनों के साथ प्रारंभ करेगी। इस प्रकार जब पूरा देश वैश्विक महामारी कोरोना की चपेट में है, तो ऐसे में हर शहर, हर कस्बा चपेट में है और मऊ के कोपागंज में कोरोना का एक पाजिटिव केस मिलने के बाद उस जगह को हाट स्पाट घोषित कर दिया गया है और ऐसे में वहां प्रशासनिक एवं चिकित्सा में तैनात सबसे बड़े अफसर ही आपस में अगर उलझ पड़ेंगे, तो फिर कोरोना वायरस से जंग कैसे जीत पाएंगे। ऐसे में जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी सहित चिकित्सा एवं पुलिस प्रशासन के लोगों के हस्तक्षेप के बाद समझौते का जो प्रयास किया गया है वास्तव में काबिले तारीफ है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अतुल वत्स व चिकित्सा अधिकारी रमन झां दोनों ने जनता हित को ध्यान रखते हुए अपने मनभेद व मतभेद को दूर कर किया इसलिए वे बधाई के पात्र हैं।
हां इस मामले में उनको काफी दिक्कतें हुई होंगी जो यह चाहते होंगे कि प्रशासन आपस में उलझ जाए डॉक्टर और एसडीएम आपस में लड़ जाए, उन्हें कुछ अजीब लगा होगा। लेकिन उन कुछ लोगों की मनसा पूरी ना हो पाई हजारों लाखों लोगों के लिए इन अधिकारियों ने दिल मिला लिया वह बधाई के पात्र हैं। यह सच है कि लड़ के इस जहां में किसी को कुछ ना मिला है, प्यार करके देखो तुम्हें धरती भी मिलेगी और आसमां भी मिलेगा।

