टीवी नहीं देखते, पुस्तक पढ़ने तथा रचनाएँ सृजन में बितता है दिनेश शर्मा जी का अधिकतर खाली समय
◆शासकीय सेवा निवृत दिनेश शर्मा का लेखन समाज की दशा और दिशा बताता है
जितेन्द्र शिवहरे
इंदौर। शहर के वरिष्ठ साहित्यिकार दिनेश शर्मा मध्यप्रदेश राज्य बीज निगम की सेवा से हाल ही में सेवा निवृत हुए है। आप सन 1992 से लेखन क्षेत्र में सक्रिय है। दिनेश शर्मा जी का शुरू से ही समाचार-पत्रों से लगाव रहा है। अखबारों में प्रकाशित रचनाएं पढ़कर आपको लिखने की प्रेरणा मिली।
जयशंकर प्रसाद, प्रेमचंद मुंशी, सुभद्राकुमारी चौहान पसंदीदा लेखक है। समाज के अभिन्न अंग विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों व पर्यावरण पर आपकी कलम सतत चलती आ रही है। आपके लिखे लेख, कविताओं इत्यादि का नई दुनिया, दैनिक भास्कर, चौथा संसार व अन्य साप्ताहिक समाचार-पत्रों में का प्रकाशन हुआ है।

गांव के परिवेश में लिपटी रचनाओं का मुख्यतः सृजन-
चूंकि दिनेश शर्मा का जन्म उज्जैन जिले के छोटे से गांव गढी भैसोला खाचरौद तहसील में हुआ तथा आपने स्नातक की शिक्षा गांव में रहकर ही पुरी करने के कारण इनकी लेखनी ज्यादातर मां, बेटी, समाज, ग्रामीण परिवेश व समाज में व्याप्त कुरीतियों पर अधिक चलती है।
साहित्यिक क्षेत्र में सक्रीय-
वर्तमान मे इंदौर में ही रहकर सामाजिक कार्यों के अलावा कविताएं लिखना, काव्य गोष्ठियों मे अपनी सहभागिता तथा साहित्यिक आयोजनों मे भी अपनी प्रत्यक्ष सहभागिता करते है।
कवि के रुप में देश भर में कर चुके काव्यपाठ-
इंदौर शहर की साहित्यिक सस्थाओं के अलावा आप हिंदुस्तान भर में कविता पाठ करते आ रहे है तथा साहित्यिक आयोजनों मे भाग लेते है। आप साहित्यिक संस्था के पदाधिकारी भी रहे है तथा अपनी व्यस्तता के कारण अब सिर्फ साहित्यक गतिविधियों व कोरोना काल के कारण पिछले एक वर्ष से हिंदुस्तान भर की सस्थाओं मे आन लाइन कविता पाठ करते आ रहे है। आप कई प्रतियोगिता मे विजेता भी रहे जिसमें विभिन्न संस्थाओं से सम्मानित भी हुए है।
रचनाओं का प्रकाशन-
आपको भोज शोध संस्था (धार) की संकलन पावर्ती प्रकाशन में लेख व लघुकथाओं का प्रकाशन, त्रिवेणी के सांंझा संकलन में कविताएं, साहित्य गुंजन पत्रिका इंंदौर में लघु कथाओं तथा कविताओं का प्रकाशन, केबी एस प्रकाशन (दिल्ली) काव्य गंगा संकलन मे कविताएं, लघु कथा संकलन मे लघु कथाओ का प्रकाशन वर्ष 2018 में तथा 2021 में भी कविताओं का प्रकाशन इसी प्रकाशक के संकलन मे हुई।
इसके अलावा कई पत्रिकाओं व संकलनों में कविताओं का प्रकाशन हुआ है व निरन्तर जारी है। वर्तमान मे जनवरी 2021 में विभन्न स्थानीय भाषाओं का नव लोकांचल अवनि सृजन साहित्यिक संस्था द्वारा प्रकाशित किया था उसमें भी मालवीय रचनाएं प्रकाशित हुई थी व आप सम्मानित भी हुए है।
दूरदर्शन एवं आकाशवाणी में काव्यपाठ-
आपकी प्रदेश के कई मंंचो से कवि सम्मेलनों में भागीदारी रही है तथा देश भर में आयोजित काव्य गोष्ठियों व आनलाईन कवि सम्मेलनों भी आपकी भागीदारी रही है व अविरत जारी है। इसके साथ ही आपने आकाशवाणी व मध्यप्रदेश दुरदर्शन केन्द्र भोपाल से भी काव्य पाठ किया है। इसके अलावा देशभर की कई साहित्यिक संस्थाओं से विभिन्न सम्मान पत्रों से आप सम्मानित हुऐ है।
इन संस्थाओं से रहा जुड़ाव-
इंदौर साहित्य सागर संस्था के आप सचिव रहे। श्री काव्य सागर सस्था, अखण्ड संडे, अवनि सृजन साहित्य कला मंच, इंडियन आथर्स एसोसिएशन, अहिसास साहित्यिक शाखा, रोटरी काव्य मंच, अग्नि शिखा मंच मुम्बई, ग्वालियर साहित्य परिषद, राष्ट्रीय शिक्षक सचेतना, सुरभि साहित्य संस्कृति अकादमी खण्डवा आदि साहित्यिक संस्थाओं के आप सक्रिय सदस्य रहे है।
इन पदों पर वर्तमान में है सक्रीय-
ठिठोली हास्य व्यंग मंच अलीगढ़ के वर्तमान में आप संयोजक है। केन्द्रीय आर्य समाज इंदौर की धार्मिक गतिविधियों से आप भौतिक रूप से जुड़े है।
मान- सम्मान
इंदौर साहित्य सागर संस्था से, इंदौर साहित्य सागर सम्मान, वर्ष 2017 व काव्य मयूर सम्मान, सूरभि साहित्य अकादमी, खण्डवा से वर्ष 2017 में राष्ट्र गौरव सम्मान, 2018 में सरल सहज गौरव सम्मान तथा 2019 में समाज गौरव रत्न सम्मान,
राष्ट्रीय साहित्य संगम संस्थान दिल्ली से वर्ष 2018 में पंच परमेश्वर सम्मान तथा अन्य सम्मान। केबी एस प्रकाशन दिल्ली द्वारा वर्ष 2019 में के बी एस गौरव सम्मान तथा वर्ष 2021 में के बी एस काव्य श्री सम्मान से नवाजा गया है। अग्नि शिखा मंच मुम्बई, अहिसास साहित्यिक संस्था व अन्य सस्थाओं से कई सम्मानों के सम्मानित।
सहयोगी कवियों ने बढ़ाया हर समय हौंसला-
शासकीय सेवा मे रहते हुये समाज मे व्याप्त परिस्थितियों को जब प्रत्यक्ष रूप से देखते थे या कई विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुऐ देखते थे और झूठी बातों को ज्यादा बल मिलता था तो मन मे विचार उत्पन्न होने के कारण में प्रतिदिन की डायरी लिखता था व फिर लेख लिखना प्रारंभ हो गया। आप सुबह-सुबह घुमने जाने लगे तब आपकी वरिष्ठ मालवी कवि श्री हुकुमचंद मालवीय से मुलाकात हुई जो कि बहुत ही मिलनसार व सहयोगी भी है। उन्होंने आपको प्रेरणा दी।
इंदौर के वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. योगेन्द्रनाथ शुक्ल जो कि शासकीय निर्भय सिंह विज्ञान महाविद्यालय इंदौर के प्रार्चाय व हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष रहे है, वे भी लेखन के लिए प्रेरित करते है तथा मार्गदर्शन भी देते रहते है। मंच पर कवि सम्मेलन में इंदौर के बाहर पढ़ने हेतु प्रेरित करने व सहयोग के लिये हरदा की प्रसिद्ध कवित्री ज्योति जलज जी से आपको प्रेरणा मिली व सतत मिलती भी रहती है। आप उन्हें बहुत सम्मान देते है।
धीरे-धीरे इंंदौर शहर की सभी साहित्यिक सस्थाओं ने आपको अवसर दिया और उम्दा लेखन चलता जा रहा है। इतना जरुर कहता हूं कि मैं टीवी नही देखता हूं। लेखन व पढ़ने मे ही मुझे आनन्द की अनूभूति होती है।
इन शासकीय पदों पर रहें-
सन 1958 में जन्में दिनेश शर्मा जी अर्थशास्त्र व समाजशास्त्र में एम ए है। आपने एलएलबी ऑनर्स की पढ़ाई भी कि है। शासकीय सेवा के समय मध्यप्रदेश राज्य बीज निगम (अधिकारी कर्मचारी संघ) का सम्भागीय अध्यक्ष के पद पर करीब तीस वर्ष तक रहे है। निगम मण्डल कर्मचारी संघ का जिला संयोजक भी रहे है।
प्रेषक-
जितेन्द्र शिवहरे
177, इंदिरा एकता नगर पूर्व रिंग रोड चौराहा मुसाखेड़ी इंदौर मध्यप्रदेश मोबाइल नम्बर
8770870151
[email protected]

