लड़की पसंद है
“तुम ये सारा दिन फेसबुक पर मगज मारते रहते हो किसी दिन कोई ऐसा कांड होगा कि मुँह दिखाने लायक न रहोगे .” पत्नी बोली .
“क्या हो गया ? कुछ हुआ है क्या ?”
“अरे! वो सुमन है न उसकी बेटी का रिश्ता होने वाला था किसी ने उसकी चैट सार्वजनिक कर दी . बेचारी कसमें खा रही है . कल उसने अनाप-शनाप गोलियां निगल लीं . अब वह नर्सिंग होम में है . मगर जो सच है सो सच है .”
“क्या बात करती हो तुम ! ये तो बहुत गलत हुआ . मगर क्या घर वालों को बेटी पर भरोसा नहीं ? ये चैट तो कोई भी बना सकता है , बहुत आसान है . एक फर्जी आई डी बनाओ , लड़की का फोटो लो और ख़ुद ही बात कर लो .”
“अरे! तो ये बात क्या उनके दिमाग में नहीं आई होगी . वो भी तो पढ़े लिखे हैं .”
“तुम मेरी सुमन से बात करवाओ जरा मैं समझाता हूँ .”
पत्नी ने फोन लगाकर दे दिया .
“नमस्ते भाभी जी ! बिटिया कैसी है ?”
“भाई साहब ! नाक कटवा दी इस लड़की ने. अब नाटक कर रही है . मरना चाहती है . मैंने इसे मोबाइल दिलाकर ख़ुद ही गलती की है .”
“आप को बेटी पर भरोसा करना चाहिए . आप उसका मोबाइल लेकर पुलिस में जाइए और उस छिछोरे की कम्पलेंट कीजिये . ऐसा करना किसी के जीवन मरण का सवाल है . मुझे भरोसा है कि बेटी गलत नहीं है .”
“जी मैं वही जांच करवाने और रिपोर्ट लिखवाने जा रही हूँ . सब पता चल जाएगा कि कौन है ये बदतमीज.”
हम इसके बाद काम में लग गए. करीब दो घंटे बाद सुमन जी का फोन आया .
“भाई साहब ! आप ठीक कहते थे . मेरी तरुणा निर्दोष है . वो किसी की शरारत थी .”
“अब एक बात और सुन लीजिये . उस मूरख से बेटी की शादी मत करना जो छोड़ के गया है . जिसे भरोसा नहीं वो स्थाई रिश्ता नहीं निभा सकता जीवन में . शुक्र मनाइए आप धोखे से बच गईं .”
“आप तो समझदार हैं . अब आप ही बताइए कि कैसा लड़का देखूं ?”
“अपनी दोस्त से बात कर लो . मुझे लड़की पसंद है बेटे के लिए .”
शब्द मसीहा

