चर्चा में

PM मोदी ने ऐसे गढ़ी ‘न्यू इंडिया’ की परिभाषा

‘न्यू इंडिया’ को लेकर PM मोदी के विचार

छोटे शहरों के लोगों के बड़े सपने भी अब पूरे हो रहे हैं। ये बदलाव ही तो है जो न्यू इंडिया की पहचान बन रहा है।

एक जमाना था जब शासन सिर्फ राज परिवारों का रहता था। स्वतंत्रता के बाद नई तरह के राज परिवार पैदा हुए, स्वतंत्रता की राजनीति में भी तीन-तीन पीढ़ियों तक लोग राज करते रहे। शासन कुछ परिवारों के ही नियंत्रण में रहा।

राष्ट्रपति जी, उप राष्ट्रपति जी, मैं खुद, ग्रामीण परिवेश से, लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर इन स्थानों पर पहुंचे हैं।

और ये बताता है कि किस तरह से देश का जन-मन बदला है।

योगी आदित्यनाथ जी, बिप्लब देव जी, त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, शिवराज सिंह चौहान जी, नीतीश कुमार जी, मनोहर लाल खट्टर जी, रघुबर दास जी, ये बहुत ही सामान्य परिवारों से निकलकर इन पदों पर पहुंचे हैं।

इन्होंने बहुत ही सामान्य जीवन जीया है, इसलिए आज भी ये हर गरीब के प्रति, उसकी समस्याओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील रहते हैं

इन्होंने अपना जीवन नौजवानों के बीच काम करते हुए, उनकी आशाओं-अपेक्षाओं के अनुरूप काम करते हुए खपाया है। वो समझते हैं कि न्यू इंडिया का नौजवान क्या चाहता है।

और ये हमारे देश के लोकतंत्र के लिए बहुत ही सकारात्मक संकेत है कि अब इस तरह का वातावरण राजनीति ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों से IAS-IPS बनने वाले नौजवानों, प्रशासनिक सेवा में आने वाले नौजवानों की संख्या निरंतर बढ़ रही है।

 

From – @narendramodi (Twitter)

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