अरे ‘ताज’ को लग गई है किसकी नज़र?
देश का सर्वोच्च न्यायालय बार-बार हमारे सरकारी तंत्रों को गहरी नींद से जगता रहता है…जब कहीं कुछ गड़बड़ी होती नजर आती है…तो कोर्ट उन्हें आगाह करता रहा है…ऐसा ही कुछ देश के ताज ‘ताजमहल’ को लेकर माननीय अदालत ने किया है…और सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए तल्ख टिप्पणी की है…कोर्ट ने कहा है कि ‘अगर ताजमहल का ख्याल नहीं रख सकते तो उसे गिरा दो’ अब कोर्ट के इस टिप्पणी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह हमारे देश का शान सवालिया निशान पर है…लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद हमारी केंद्र और राज्य की सरकारों की कानों में जूं तक नहीं रेंग रहा है…जिससे दुखी होकर कोर्ट को ये टिप्पणी करनी पड़ी…इसमें कोई संदेह नहीं कि सफेद संगमरमर पर डीजल और जले हुए कचरे के धुएं से जमा परतों के कारण ताजमहल धीरे-धीरे अपनी सफेदी खोने लगा था…इसी कारण ताज पर काले धब्बे भी पड़ने लगे थे…और पिछले दो-तीन सालों से इन धब्बों को मिटाने के लिए मड पैक थैरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है…जिसमें काफी हद तक सफलता भी मिली है…इसके अलावा कई और उपायों को इस्तेमाल ताज की चमक को बनाये रखने के लिए की जा रही है…लेकिन कोर्ट इस बात से दुखी है कि ताजमहल को जिस स्तर पर संरक्षित और सुरक्षित रखने की जरूरत है कि उसके लिए कारगर और ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं…जिसकी वजह से दुनिया के 7 अजूबों में शामिल ताजमहल की सुंदरता को नजर लगती जा रही है…जरूरत है कि हर स्तर पर देश की शान ताज को बचाये रखने के लिए प्रयास किया जाए.

