अमिला की 200 साल पुरानी रामलीला 22 सितंबर से होगी शुरू
० स्थानीय बाल कलाकार निभाएंगे सभी पात्र, दशहरा मेला 2 अक्टूबर को
अमिला की प्राचीन और ऐतिहासिक श्री ठाकुर द्वारा रामलीला के तत्वाधान इस वर्ष 22 सितंबर से श्री रामलीला महोत्सव के तैयारी मुकुट पूजन के साथ शुरू होगी। दो सौ वर्ष से अधिक पुरानी यह रामलीला पूरी तरह से स्थानीय बाल कलाकारों द्वारा मंचित की जाती है। क्षेत्र के लोगों में इसके प्रति गहरी आस्था और विश्वास है। यही कारण है कि रोज़गार या व्यवसाय के सिलसिले में देश-विदेश में रहने वाले लोग भी छुट्टी लेकर कार्यक्रम में शामिल होते हैं, जबकि जो नहीं आ पाते, वे समिति को सहयोग राशि भेजते हैं।
अमिला में रामलीला का शुभारंभ करीब दो शताब्दी पहले राधे राय के पूर्वजों ने किया था। इसके बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्वनाथ प्रसाद गुप्त, विजय बहादुर राय, जंगी राय जैसे प्रतिष्ठित लोगों ने समय-समय पर इसका संचालन संभाला। वही अमिला रामलीला मंच से आस्था व विश्वास की बात की जाय तो दशकों से जुड़े कलाकार आज शासन प्रशासन के उच्च पदों पर आसीन है
वर्तमान में रामलीला समिति का संचालन गुलाब चन्द साहू के नेतृत्व में सुबाष चन्द गुप्त, शिक्षक अवधेश गुप्त, दिनेश कुमार गुप्त (चौधरी), सुभाष चन्द साहू, आकाश जायसवाल, रामू और सामू, संदीप साहू,

