विधायक अब्बास अंसारी ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण, मिली जमानत
मऊ। आचार संहिता उल्लंघन मामले में लगभग तीन महीनों से फरार चल रहे सदर विधायक अब्बास अंसारी ने शुक्रवार सिविल कोर्ट सीनियर डिवीजन/ विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए श्वेता चौधरी की अदालत में आत्मसमर्पण किया। अब्बास के आत्मसमपर्ण करते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई और क्षेत्राधिकारी समेत कोतवाल व भारी पुलिस बलों का कोर्ट के बाहर डेरा लग गया। कोर्ट परिसर में भारी पुलिस भारी मात्रा में पुलिस के जवानों को मौजूद देख कोई डरा व सहमा रहा कि आखिर इतनी भारी संख्या में पुलिस के जवान क्यों मौजूद है, जब पता चला कि अब्बास कोर्ट में हाजिर हुए है तब जाकर लोगो ने राहत की सांस ली।
गौरतलब हैकि विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए विधायक अब्बास अंसारी द्वारा भारी भीड़ इकट्ठा किया गया था। जिला प्रशासन द्वारा उक्त मामले को लेकर थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। विधानसभा चुनाव में जब अब्बास अंसारी चुनाव जीते उसके उपरांत विजय जुलूस निकाला गया था, जबकि विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा था और जनपद में धारा 144 लागू था। अब्बास द्वारा विजय जुलूस निकालने व चुनाव के दौरान भारी भीड़ करने इकट्ठा को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी मुकदमे में सदर विधायक अब्बास अंसारी उमर अंसारी मंसूर ने शुक्रवार को हाजिर अदालत आकर अपनी जमानत करा लिया। न्यायालय ने अभियुक्तों को 20 हजार के दो जमानतदरों की प्रतिभू पर सशर्त जमानत दे दिया।
इस देश मे अभी न्याय जिंदा है:अब्बास
जमानत मिलने के बाद अब्बास अंसारी ने कहा कि चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन का मामला था, इसी मामले में वह मऊ के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए थे और न्याय ने अपना काम किया, अब वापस अपने क्षेत्र में जनता के बीच जा रहे हैं। श्री अंसारी ने कहा कि वह जनता के जनप्रतिनिधि है वह जनता के बीच जायेंगे। कहा कि देखते है पुलिस प्रशासन उन्हें जनता के बीच जाने देती है या नहीं। उन्होंने है कि रोज कोई न कोई साजिशें रची जाती है और इस देश में न्याय अभी जिंदा है,उसके वजह से न्याय मिलता है और फिर आगे बढ़ते हैं।


