मऊ में भव्य गुलाब बाड़ी एवं वचनामृत आयोजन, श्याम मनोहर जी महाराज ने दिया प्रेम, संस्कार और शिक्षा बचाने का संदेश
मऊ नगर के बल्लीपुरा साहूपुरा स्थित पद्मनाथ अग्रवाल के प्रांगण में पधरई एवं वचनामृत के साथ भव्य गुलाब बाड़ी का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्रीमद्वल्लभाचार्य श्री महाप्रभुजी के वंशज एवं षष्ठपीठाधीश्वर श्याम मनोहर जी महाराज (श्री गोपाल मंदिर, काशी) की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।
पूरे आयोजन के दौरान भक्तिरस की अविरल धारा बहती रही। उपस्थित महिला, पुरुष एवं बच्चों पर पुष्प वर्षा कर उन्हें आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कराया गया। वाराणसी से आए युवाओं की टीम ने भक्ति गीतों एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु देर तक भक्ति में लीन होकर इस दिव्य आयोजन का आनंद लेते रहे।
इसके उपरांत महाराज श्री ने अपने आशीर्वचन में कहा कि वैष्णव आचार्य की परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और प्रेम के सूत्र में बांधने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज वैमनस्य की ओर बढ़ रहा है, तब भक्ति मार्ग ही एक ऐसा साधन है जो लोगों को जोड़ सकता है और समाज में समरसता स्थापित कर सकता है।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने विशेष रूप से संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास भौतिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है, लेकिन संस्कारों की कमी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। बच्चों में समय रहते अच्छे संस्कारों का विकास करना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा समाज की दिशा प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और धर्म के बढ़ते व्यवसायीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हर क्षेत्र व्यावसायिक होता जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वैष्णव आचार्य परंपरा में इस प्रकार का कोई भेदभाव नहीं है और यहां व्यक्ति का मूल्य उसके धन, पद या योग्यता से नहीं, बल्कि उसकी वैष्णवता से आंका जाता है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा शिक्षा का व्यवसायीकरण है। इसके बाद स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों का स्थान आता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि शिक्षा को बचा लिया गया, तो समाज की अन्य समस्याएं स्वतः नियंत्रित हो जाएंगी।
कार्यक्रम में युवराज गोस्वामी प्रियेन्दु बाबा साहब सहित विजय अग्रवाल, राकेश गर्ग, गिरधर अग्रवाल, मंदिर के मीडिया प्रभारी अतुल शाह, राजेश अग्रवाल, आनन्द कृष्ण अग्रवाल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन का सफल संचालन एवं व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं।


