स्वतंत्रता दिवस विशेष : ऐसा हिंदुस्तान चाहिए
@ महेश कुमार प्रजापति, दोहरीघाट, मऊ, यूपी… हर घर से निकले अम्बेडकर औऱ कलाम ऐसा गांधी के सपनो का हिंदुस्तान
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@ महेश कुमार प्रजापति, दोहरीघाट, मऊ, यूपी… हर घर से निकले अम्बेडकर औऱ कलाम ऐसा गांधी के सपनो का हिंदुस्तान
Read Moreडॉ अलका अरोडा, देहरादून… इस दिल पे इतनी सी इनायत करना सुर्ख लबो में अलफ़ाज दबाये रखना खामोश रही आँखो
Read Moreआजादी मेरी नज़र में…डा. महिमा सिंह, लखनऊ आजादी का महत्व प्रत्येक व्यक्ति के लिए पृथक-पृथक हो सकता है। किसी को
Read More@ रिया अग्रवाल, फरीदाबाद, हरियाणा… पीड़ हो जाए हद से पारकष्ट करें मुझसे प्यारदुःखी मन करे पुकारनेह आंचल बन छा
Read More@ किशोर कुमार धनावत… ओ मनमोहन! मुरली वाले,तेरा तन नीला बाल काले।तेरे होठों की शोभा निराली,दोनों नयन बड़े मतवाले।सिर पर
Read More@ साहु रजनीश प्रकाश… मेरे पापा प्यारे पापा,याद आपकी आती है।आंखें मेरी भर आतीं हैं ,पापा क्युं हमें सताते हो।।
Read Moreहरिलाल राजभर… गलतफहमियाँ जो भी पाले बहुत हैं,पड़े जह्न में उनके छाले बहुत हैं । सदा तंज कसना ही जिनकी
Read More@ अशोक कुमार यादव… मैं पहले कुशाग्र मानव था,लोगों ने बनाया मुझे पशु।ईर्ष्या,द्वेष,जाति भेदभाव,देख मंजर निकला आंसू।। भ्रष्टाचार रूपी दानव
Read More@ डा. प्रमोद कुमार अनंग… हमको क्या मजबूर करोगे।किससे – किससे दूर करोगे।। जब देखो तब मेरी चर्चा।अब कितना मशहूर
Read More@ शब्द मसीहा केदारनाथ… “अरे! सुनती हो ।” पति ने कमरे में से ज़ोर से पुकारा ।“बहरी नहीं हुई हूँ
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