काश! आदमी भेड़ नहीं पेड़ होते 🌳🌴🌲🌳
@ मान बहादुर सिंह “मानू”… उसने मुझे फल,फूलऔर रहने के लिए छांव दियामैं उदास था जिस रोजउसने मुझे पीठ रखने
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@ मान बहादुर सिंह “मानू”… उसने मुझे फल,फूलऔर रहने के लिए छांव दियामैं उदास था जिस रोजउसने मुझे पीठ रखने
Read More@मान बहादुर सिंह मानु… जान लेती हैपता नही कैसे-कैसेपहचान लेती हैपता नही कैसे-कैसे ?हमने कुछ भी नहीखाया देर से .
Read Moreमान बहादुर सिंह “मानु”… गरीब हर दोपहरसूरज को सुलगाकरजला लेते है . . . .अपनी -अपनी बीड़ियाँऔर लाद लेते है
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