अकाल तख्त: काल को ललकरता धर्म-सिंहासन
ललित निबंध… ✍️डॉ. विनय कुमार वर्मा जब सूर्य तपता है, धरती फटती है, और आस्था की जड़ें हिलने लगती हैं
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