कुछ अलग! पुरातन छात्रों द्वारा अपने विद्यालय में की गई लाइब्रेरी की स्थापना

आनन्द कुमार…
मऊ। अक्सर ऐसा ही होता है कि जो जिस स्कूल या कालेज में पढ़ता है उस शिक्षा के मंदिर को याद तो रखता है लेकिन उसके लिए कुछ सोचना या करना उसे याद नहीं रहता। लेकिन अब ऐसा नहीं है, जमाना बदल रहा है और स्कूल से पढ़कर निकले छात्र अपने स्कूल के लिए कुछ सोच रहे हैं और कुछ कर रहे हैं। अपनी अलग सोच और जुनून की बदौलत ही कुछ पुरातन छात्रों ने मऊ नगर के ए.एल. नोमानी इंटर कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दो अदद लाइब्रेरी आलमारी और लगभग 50 से अधिक पुस्तक देकर आजादी के अमृत महोत्सव में कुछ अलग करने की शुरूआत कर समाज को एक अलग संदेश दिया है कि हर व्यक्ति की कुछ जिम्मेदारी है जिससे भारत देश को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।
ए.एल. नोमानी इंटर कालेज में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब प्रबंधक और प्रधानाचार्य, अध्यापक सहित छात्र छात्राओं ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस पर अपने विचार व्यक्त कर लिए तो प्रधानाचार्य श्री शैलेंद्र जी ने पुरातन छात्रों के इस पहल की सभी के बीच घोषणा कर पुरातन छात्रों को धन्यवाद दिया। पूर्व प्रधानाचार्य श्री परवेज अहमद ने बताया कि छात्रों के द्वारा पुरातन छात्र पुस्तकालय की स्थापना की गई इस पुरातन छात्र पुस्तकालय की स्थापना की नींव पिछले वर्ष 8 अगस्त 2021 को ही पुरातन छात्रों ने आपस में बातचीत के द्वारा रखी गई थी। पूर्व प्रधानाचार्य श्री सर्वेश दुबे ने बताया कि आज से 20 वर्ष पहले इस विद्यालय में पढ़ाई करके निकले पुरातन छात्रों ने पुस्तकालय की स्थापना की है। पूर्व पुरातन छात्र डॉ राजेश यादव ने बताया कि इसमें लगभग 40 से ज्यादा छात्रों ने सहभागिता निभाया है और आगे भी सहयोग करते रहने का आश्वासन दिया। आगे इन्होंने ने बताया कि हम सभी पुरातन छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 50 से ज्यादा बुक और दो लाइब्रेरी आलमारी स्वतंत्रा दिवस की आजादी के अमृत महोत्सव पर भेंट किया। इसके लिए हम सभी पुरातन छात्रों का स्वागत और हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
इस अवसर पर पुरातन छात्रों द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी आमंत्रित किया गया था। वे इस कार्यक्रम मे शामिल होकर बहुत प्रसन्न थे। इसमें मैनेजमेंट कमेटी के साथ ही अन्य छात्र भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रबंधक इंजीनियर शोएब ने कहा कि आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि यह पुरातन छात्र पुस्तकालय छात्रों के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा एवं आजादी के 75 साल में राष्ट्र निर्माण के साथ ही भारत को महान बनाने में एक सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि पुरातन छात्रों की विद्यालय के प्रति यह सोच उनके नेक इंसान होने का मिसाल पेश करती है। विद्यालय परिवार अपने पुराने छात्रों के इस योगदान की सराहना करता है।
पुरातन छात्रों में प्रमुख रूप से योगदान देने वालों में डॉ राजेश यादव, श्रीराम यादव, कर्मेंद्र गुप्ता, अकील अहमद, कमर जिया, जफर अहमद, सुफियान अहमद, मोहम्मद उमैर, विपिन राय, अजहर अली, शैलेंद्र सिंह, फैयाजुद्दीन, ओम वर्मा, लालचंद मौर्या, परवेज अहमद वह शमशाद आदि रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ राजेश यादव तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री संजय पांडेय ने किया।






